करवा चौथ 2017 – व्रत कथा, पूजन विधि, चंद्रोदय, Wallpapers & Jokes

पति की लंबी उम्र के लिए सारा दिन उपवास रखने के और कथा सुनने के बाद चंद्रोदय का इंतजार होता है और चाँद के दर्शन करने के बाद पति के हाथों से निवाला खा कर सुहागनें अपना उपवास खोलती हैं..

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पिछले कुछ वर्षों में Karwa Chauth को महिला अधिकारों और पुरुष-प्रधान व्यवस्था से जोड़ कर इसे प्रतिगामी (Regressive Idea) कुरीति के तौर पर प्रचारित करने का प्रयास गया है, इसके पीछे तर्क यह दिया जाता है कि पत्नी के अधिकार दोयम दर्जे के रहें और पति को परमेश्वर माना जाए, इसलिए करवा चौथ की कहानी गढ़ी गई है।

इस पर्व की भावना और इसके परिप्रेक्ष्य को यदि ठीक से समझा जाए तो कहानी कुछ और नजर आती है। जिस तरह Valentines Day के दिन को प्रेम के पर्व, या Thanksgiving Day को कृतज्ञता प्रकट करने के उद्देश्य से एक खास दिन निर्धारित किया गया है वैसे ही Karwa Chauth भी प्रेम, समर्पण और निष्ठा की भावना को अंगीकार किए हुए है।

यह सही है कि आज भी समाज में महिलाओं को पूरी तरह से बराबरी का दर्जा नहीं मिला है परन्तु इसके लिए किसी पर्व, रीति-रिवाज या मान्यता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। किसी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करना किसी भी सभ्य समाज में रेग्रेसिव या रुढ़िवादी विचार नहीं माना जाएगा, और अब तो पति भी करवाचौथ का व्रत रखने लगे हैं।

कैसे मनाया जाता है करवाचौथ – करवा चौथ व्रत की पूजन विधि

करवा चौथ का महत्व: भारतीय संस्कृति और हिन्दू मान्यताओं में उपवास का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। हिन्दू पंचांग (Calender) में वर्णित लगभग हर त्यौहार का उपवास और पूजा से विशेष संबंध नजर आता है। हिन्दू मान्यताओं में कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करकचतुर्थी (करवा चौथ) व्रत करने का विधान है और ऐसा माना जाता है कि यदि Karwa Chauth के दिन सुहागिन उचित पूजन विधि के साथ उपवास रखें तो उनके पति की उम्र लंबी होती है और गृहस्थ जीवन सुखमय होता है।

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करवा चौथ के व्रत की शुरुआत प्रातः अलसुबह स्नानादि करके सुहाग की निशानी माने जाने वाले श्रृंगार – जैसे सिंदूर, लिपस्टिक, लाल चूड़ियाँ, मंगलसूत्र आदि धारण करने के बाद यह संकल्प बोलकर करें – ”मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये”

करवाचौथ की थाली व पूजन सामग्री (Karwa Chauth Pooja Thali) मिट्टी, ताम्बा अथवा पीतल के दो करवे, दूध, जल, धुप, सुपारी, मौलि, अक्षत, दीप, कपूर, सिंदूर, नैवेद्य के लिए पूर्ण फल, मेवा या मिठाई इत्यादि। करवा में रक्षासूत्र मौली इत्यादि बांधें, तथा हल्दी और आटे को मिलकर दूध का छींटा देकर एक स्वस्तिक बनाएं। एक करवे में जल भरें तथा दूसरे करवे में दूध भरें और इसमें ताम्बे या चांदी का सिक्का डालें। आचमन के लिए छोटे पात्र में जल भर कर रखें तथा साथ में एक चम्मच भी रखें।

करवा चौथ के दिन क्या खा सकते हैं: करवा चौथ को लेकर अलग-अलग प्रदेशों में कई तरह के रिवाज हैं, जैसे कि उत्तर प्रदेश व आसपास के क्षेत्रों में ब्रह्ममुहूर्त में सूर्योदय से पहले शक्कर और दूध के साथ सूत फेनी (चने और दूध से बना एक पारम्परिक व्यंजन) का सेवन करने का प्रचलन है।

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करवाचौथ का गीत (Karva Chauth Song in Punjabi): करवे का गीत गाने के दौरान सात फेरियां लगाई जाती हैं, पहली 6 फेरियों में गाया जाता है –

“वीरों कुड़ियों करवा, सर्व सुहागन करवा,
ए कात्ती नाया तेरी ना, कुम्भ चकरा फेरी ना,
आर पैर पायेन ना, रुठदा मानियेन ना,
सुत्त्डा जगायेन ना, वे वीरों कुड़ियों करवा, वे सर्व सुहागन करवा”

सातवीं फेरी में गाया जाता है –

“वीरों कुड़ियों करवा, सर्व सुहागन करवा,
ए कात्ती नाया तेरी नी, कुम्भ चकरा फेरी वी,
आर पैर पायेन वी, रुठडा मनायीं वी,
सुत्त्डा जगायेन वी, वे वीरों कुड़ियों करवा, वे सर्व सुहागन करवा”

इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है और करवाचौथ व्रत की कथा सुनी जाती है। कई इलाकों में विवाह के 12 या 16 साल बाद तक उपवास किए जाने का रिवाज है, लेकिन इच्छानुसार कई विवाहिताएं इसे जीवनभर भी रखती हैं।

करवा चौथ की कथा – Karwa Chauth Ki Kahani Suno

करवा चौथ को लेकर बहुत सी कथाएँ प्रचलित हैं परन्तु इन सभी कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने कठिन तपस्या करके शिवजी को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया था इसलिए करवा भरते समय शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।

करवा की कथा: एक समय की बात है कि एक करवा नाम की पतिव्रता स्त्री अपने पति के साथ नदी के किनारे के गाँव में रहती थी। एक दिन उसका पति नदी में स्नान करने गया। स्नान करते समय वहाँ एक मगर ने उसका पैर पकड़ लिया। वह मनुष्य करवा-करवा कह के अपनी पत्नी को पुकारने लगा। उसकी आवाज सुनकर करवा भागी चली आई और आकर मगर को कच्चे धागे से बाँध दिया।

मगर को बाँधकर यमराज के यहाँ पहुँची और यमराज से कहने लगी- हे भगवन! मगर ने मेरे पति का पैर पकड़ लिया है। उस मगर को पैर पकड़ने के अपराध में आप अपने बल से नरक में ले जाओ। यमराज बोले, “अभी मगर की आयु शेष है, अतः मैं उसे नहीं मार सकता।” इस पर करवा बोली, “अगर आप ऐसा नहीं करोगे तो मैं आप को श्राप देकर नष्ट कर दूँगी।” सुनकर यमराज डर गए और उस पतिव्रता करवा के साथ आकर मगर को यमपुरी भेज दिया और करवा के पति को दीर्घायु दी।

द्रौपदी की कथा: इस कथा के अनुसार जब नीलगिरी पर्वत पर पांडव पुत्र अर्जुन तपस्या करने गया तब किसी कारणवश उन्हें वहीं रूकना पड़ा। उन्हीं दिनों पांडवों पर गहरा संकट आ पड़ा। तब चिंतित व शोकाकुल द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान किया तब कृष्ण अवतरित होकर बोले – हे द्रौपदी! मैं तुम्हारी चिंता का कारण जानता हूं। उसके उपाय के लिए तुम्हें कार्तिक माह की कृष्ण चतुर्थी पर पूरे मन से करवाचौथ का व्रत रखकर भगवान शिव, गणेश एवं पार्वती की उपासना करने होगी, इससे तुम्हारे सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। कृष्ण की आज्ञा का पालन कर द्रोपदी ने वैसे ही व्रत किया। तब उसे शीघ्र ही अपने पति के दर्शन हुए और उसकी सारी चिंताएं दूर हो गईं।

वीरवती की कथा: करवा चौथ की इस कथा का यह सार है कि करकचतुर्थी पर वीरवती नाम की एक विवाहिता ने अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत किया था। नियमानुसार उसे चंद्रोदय के बाद भोजन करना था, परंतु वह भूख से व्याकुल हो उठी। उसके भाइयों से अपनी बहन की यह पीड़ा देखी नहीं गई और उन्होंने पीपल की आड़ में आतिशबाजी का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया और वीरवती को भोजन करा दिया। परिणाम यह हुआ कि उसका पति तत्काल अदृश्य हो गया। इसके बाद पश्चाताप करने के लिए वीरवती ने लगातार बारह महीने तक प्रत्येक चतुर्थी को व्रत रखा और करवाचौथ के दिन उसकी तपस्या से उसका पति पुनः प्राप्त हो गया।

पति की लंबी उम्र के लिए सारा दिन उपवास रखने के और कथा सुनने के बाद चंद्रोदय का इंतजार होता है और चाँद के दर्शन करने के बाद पति के हाथों से निवाला खा कर सुहागनें अपना उपवास खोलती हैं।

करवा चौथ कब है – Karwa Chauth 2017 Date, Moonrise Time

Karwa Chauth Date 2017: Sunday, 8 October
करवा चौथ पर्व तिथि व शुभ मुहूर्त 2017: चतुर्थी, कृष्ण पक्ष, कार्तिक मास, दिन रविवार, विक्रम सम्वत 2074

करवा चौथ पर पूजा का मुहूर्त शाम 5.54 मिनट से शाम 7.10 मिनट तक शुभ रहेगा

  • सूर्योदय (Sun Rise Time): 06:17:33
  • सूर्यास्त (Sun Set Time): 17:59:43
  • चंद्रोदय (Karwa Chauth Moon Rise Time): 20:10:00
  • चंद्रास्त (Moon Set): 08:39:00

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Karwa Chauth Jokes – साहब, बीवी और चुटकुले

“मैने भी तुम्हारे लिए व्रत रखा है ”
ऐसा बोल कर ऑफिस में समोसे ठूसने वाले पतियों…!
इस बार करवाचौथ रविवार को है!!😝😝

साँप और पति दोनों का नसीब एक जैसा होता है… 🙁
साल में एक दिन पूजा होती है और बाकी दिन लट्ठ खाते हैं… 😝😝

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रात का मंजर कुछ ऐसा था ग़ालिब..
रात का मंजर कुछ ऐसा था ग़ालिब, 👀
बीवियां आसमान में चाँद देख रही थी
और शौहर अगल-बगल की छत पर.. 😝😜

महिलाओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि
करवाचौथ पर गिफ्ट बड़ा हो तो आटा छन्नी से
और छोटा हो तो चाय छन्नी से पति को देंखेगी… !! 👊🏻😜

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