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जानिए क्यों है ओटमील हेल्थ एक्सपर्ट्स की फेवरेट डाइट!

अगर आप रोज-रोज वही पारंपरिक नाश्ते से तंग आ चुके हैं और कुछ अलग किस्म का खाना ट्राई करना चाहते हैं जो कि स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी हो तो ओटमील (Oatmeal) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। कभी पशुओं के खाने के लिए छोड़ दिया जाने वाला ये उत्तम आहार आजकल लगभग हर डॉक्टर और डायटीशियन के द्वारा रेकमेंड किया जाता है। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि ओटमील क्या है और कैसे आप बेस्वाद से दिखने वाले ओट्स (Oats) को जायकेदार बना सकते हैं।

आपने अक्सर अपने health-conscious दोस्तों से ओट्स के बारे में सुना होगा और टीवी चैनल्स पर भी इसके विज्ञापन देखे होंगे, तो आपने यह भी सोचा होगा कि इसके ऐसे क्या फायदे हैं कि लोग इसको खरीद रहे हैं तो आज हम आपको ओट्स के फायदों के बारे में आपको बताएंगे। लगभग सभी छोटे-बड़े किरयाना स्टोर पर आपको ओट्स के कई तरह के फ्लेवर मिल जाएंगे, पर इन्हें खरीदने से पहले इस शानदार आहार के बारे में अच्छे से समझ लेना जरूरी है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार ओटमील को अपने रोजाना के डाइट चार्ट में शामिल करने से आप प्राकृतिक तौर पर अपना वजन कम कर सकते हैं। दरअसल ओटमील में दलिए या खिचड़ी की तरह ही फाइबर की मात्रा अधिक होती है, पर सुपाच्य होने के साथ-साथ इसमें मौजूद सोलुब्ल फाइबर पानी के साथ मिलकर एक खास तरह की जेल बनाता है जिससे कि आपको काफी लम्बे समय तक दोबारा से भूख नहीं लगती है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट आपके शरीर की सभी जरूरतों को पूरा कर देते हैं, इस तरह आप ओवर-ईटिंग से बच जाते हैं।

ओटमील क्या होता है – What Is Oatmeal

ओटमील दरअसल जौ (या जई) का दलिया होता है, जिसे जौ के साबुत अनाज को पीसकर या दल कर तैयार किया जाता है। जई का वैज्ञानिक नाम Avena Sativa है और इसकी फसल को भारत में मुख्यत: पशु आहार और हरे चारे के लिए उगाया जाता है।

अब आप सोच रहे होंगे कि पशु-आहार इंसानों के खाने के लिए कैसे उपयुक्त हो सकता है तो आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि मौजूदा समय में भारत में पाई जाने वाली तीन बड़ी बीमारियों – डायबिटीज, हाई-कोलेस्ट्रॉल और हाई ब्लडप्रेशर के उपचार में ओट्स की भूमिका मेडीकल जगत द्वारा परखी और सराही गई है।

ओट्स कैसे बनता है: जई के साबुत दानों से छिलका (भूसी) उतार कर इसे सेंका जाता है ताकि इसके स्वाद में इजाफा हो। इसके बाद इसे पीस कर दरदरा आटा तैयार किया जाता है, इस मोटे आटे को या तो दूध के साथ उबालकर खाने के लिए पैक कर दिया जाता है या फिर भाप में पकाकर मशीनों के द्वारा चपटा किया जाता है, जिसे रोल्ड ओट्स कहते हैं।

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रोल्ड ओट्स को विभिन्न तरह के मसालों के साथ मिलकर इसे स्वादिष्ट रेडी-टू-कुक instant meal के रूप में पैक किया जाता है। बाजार में Saffola, Quaker, Kelloggs इत्यादि कई ब्रांड्स के ओटमील अलग-अलग फ्लेवर में उपलब्ध हैं, अकेले Saffola कंपनी के ही 8 से ज्यादा फ्लेवर जैसे कि वेजी मसाला, करी एंड पेपर, क्लासिक मसाला, पेपी टोमेटो और यहां तक कि इटालियन और चाईनीज फ्लेवर भी मार्किट में उपलब्ध हैं, आप इन्हें शोपिंग वेबसाइट जैसे कि अमेज़न आदि से भी खरीद सकते हैं।

ओट्स के फायदे – Benefits of Oatmeal In Hindi

आजकल की व्यस्त दिनचर्या में लोग कसरत-वर्जिश आदि के लिए अधिक वक्त नहीं निकाल पाते हैं, हमारा लाइफस्टाइल भी कुछ ऐसा हो गया है कि हमारे घरेलू कामों में भी अधिक मेहनत वाले ऐसे काम नहीं होते हैं जो कि हमारे भोजन के द्वारा मिली कैलोरी की मात्रा को बर्न कर सकें।

ऐसे में हमें ऐसे भोजन की तलाश रहती है जो कि हमारे शरीर के लिए आवश्यक तत्वों जैसे कि प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल, विटामिन, ओमेगा-6, फोलिक एसिड आदि की कमी को तो पूरा करे पर वसा और कोलेस्ट्रोल की मात्रा में वृद्धि न करे। ओटमील ऐसा ही एक आहार है जो चमत्कारिक तौर पर शरीर की सभी जरूरतों को बैलेंस करते हुए हमें कोलेस्ट्रोल और फैट से बचाकर रखता है।

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  • जई के दलिये यानि कि ओट्स में मौजूद प्रोटीन और विटामिन बी-1 और बी-5 के अलावा mangnese, phosphurus, मैग्नीशियम, फोलेट जैसे तत्वों और एंटी-ओक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा होती है जो आपके शरीर के रोग-प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करते हैं। नमी वाले मौसम जैसे कि मानसून और सर्दियों में तो ओटमील खाना बेहद लाभदायक है क्यूंकि इसमें मौजूद पौषक तत्व आपके शरीर को सर्दी, जुकाम, एलर्जी इत्यादि से लड़ने में मदद करते हैं।
  • ओट्स में सोलुब्ल और इन्सोलुब्ल दोनों तरह के फाइबर मौजूद होते हैं। सोलुब्ल फाइबर (Beta-Glucan) पानी के साथ मिलकर एक गाढ़ी जेल का निर्माण करता है जो कि ब्लड शुगर और इन्सुलिन के प्रति शरीर के रिस्पांस को बैलेंस करता है, LDL और टोटल कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है, पाचन तंत्र में “लाभदायक बैक्टीरिया” की ग्रोथ में मदद करता है और लम्बे समय तक भूख नहीं लगने देता। वहीं इन्सोलुब्ल फाइबर कब्ज नहीं होने देता और आँतों और मलाशय के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
  • ओट्स में पाए जाने वाले एंटी-ओक्सीडेंट्स और मैग्नीशियम मस्तिष्क में सेरोटोनिन की मात्रा को बढाते हैं जोकि दिमाग को शांत रखने के साथ-साथ तनावमुक्त रहने और मूड अच्छा रखने में मदद करता है।
  • एक कप ओटमील में लगभग 150 कैलोरी, 4 ग्राम फाइबर, 6 ग्राम प्रोटीन के साथ-साथ लगभग सभी आवश्यक पोषक तत्व और एंटी-ओक्सीडेंट्स होते हैं जो कि इसे एक सम्पूर्ण आहार बनाते हैं, यदि आप वजन कम करना चाह रहे हैं तो ओट्स से बने व्यंजन न सिर्फ आपके पाचन तंत्र का ख्याल रखेंगे बल्कि वसा और कोलेस्ट्रॉल पर लगाम लगाने में भी मदद करेंगे।
  • खाने के साथ-साथ ओट्स लगाने में भी गुणकारी है, यदि आप स्किन एलर्जी से पीड़ित हैं या आपकी त्वचा रुखी या बेजान है तो आप सादे ओट्स को गुनगुने पानी में मिलकर फेसपैक तैयार कर सकते हैं। फेस के अलावा आप शरीर के बाकि हिस्सों में खुजली, सिर की त्वचा के रूखेपन के इलाज के लिए भी ओट-पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ओट्स बनाने की विधि – How To Make Oatmeal

वैसे तो बाजार में कई तरह के Instant Meals आते हैं जैसे कि मैगी, पास्ता, मक्रोनी इत्यादि पर इनमें से अधिकतर हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। जो अच्छा खाना पकाने में पारंगत नहीं है वो लोग वक्त बचाने के चक्कर में इन रेडी-टू-कुक फूड के झांसे में आकर अपने स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने लगते हैं। ऐसे में ओटमील एक शानदार विकल्प है जो कम समय में पक कर तैयार हो जाता है और आप हर दिन नये स्वाद के साथ अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं।

बाजार में दो तरह के ओट्स मिलते हैं – एक जिन्हें दूध के साथ मिलाकर खाया जाता है, दूसरे जिनमें मसाला, नमक इत्यादि पहले से डला होता है और पानी में उबालकर खाया जाता है। जैसा कि हमने बताया कि ओट्स खाने के बाद भूख कम लगती है, तो ध्यान रहे कि ओट्स बनाते समय उतनी मात्रा अवश्य लें जो आपकी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सके।

दूध के साथ ओट्स कैसे बनाएं: सबसे पहले एक कप दूध को एक खुले बर्तन में डालकर धीमी आंच पर एक या दो मिनट के लिए गर्म कर लें उसके बाद इसमें अपने स्वाद के अनुसार चीनी डाल कर अच्छे से मिला लें। यदि आप डाइटिंग पर हैं तो चीनी की बजाय एक चम्मच शहद या आधा चम्मच गुड़ डालना बेहतर रहेगा। अच्छे से घोल लेने के बाद इसमें आधा कप Oats डालें। दूध और ओट्स को अच्छे से मिला लें और बर्तन को ढंक कर मद्धम आंच पर 2 मिनट के लिए पकने के लिए छोड़ दें। अब आंच धीमी करें और ढक्कन हटाकर 2 से 4 मिनट के लिए खुले में पकने दें, साथ-साथ मिश्रण को हिलाते रहें ताकि दूध बर्तन के तले में न जमने पाए।

मसाला ओट्स कैसे बनाएं: मसाला ओट्स बनाने के लिए सबसे पहले आधा प्याज और एक टमाटर बारीक़ काट लें। डेढ़ कप पानी खुले पैन में डाल कर उबाल लें और टमाटर-प्याज डाल दें, चाहें तो टेस्ट बढ़ाने के लिए आधा चम्मच मैगी मसाला डाल सकते हैं। 2 मिनट तक उबालने के बाद आधा कप ओट्स डाल दें और पैन को ढक कर 3 मिनट तक उबलने के लिए छोड़ दें। अब पैन का ढक्कन हटाकर 2 मिनट तक खुले में उबलने दें, आपका स्वादिष्ट ओटमील तैयार है। यदि खाने-पीने में विभिन्न रेसिपी इजाद करने के शौक़ीन हैं तो ओट्स डालने से पहले पानी में दो चम्मच स्वीटकॉर्न सूप या Manchow Soup डालकर अलग तरह का अरोमा और फ्लेवर भी तैयार कर सकते हैं।

ओट्स से बनने वाले लजीज पकवान – Delicious Oats Recipes

एक कहावत है कि जो खाना स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होता है वो दिखने में उतना अच्छा नहीं मालूम पड़ता इसलिए बच्चे अक्सर ओट्स को लेकर काफी शिकायतें करते हैं। बच्चों के लंचबॉक्स को लजीज और हेल्दी बनाने के लिए आप Oats Cutlet बना सकते हैं जिसमें ओट्स के साथ-साथ आलू, पनीर और गाजर की खूबियाँ मिलकर इसे बनाएंगी और ज्यादा पोषक और टेस्टी। इसी तरह आप लेमन ओट्स, Oats Dosa और ओट्स की गुझिया बनाकर टेस्ट को नया ट्विस्ट दे सकते हैं।

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ओट्स कटलेट (Oats Cutlet With Potato) कैसे बनाएं

सामग्री: रोस्टेड ओट्स 1 कप, कुकिंग ऑयल जरुरत अनुसार, पनीर आधा कप, नमक स्वाद अनुसार, गाजर 4 चम्मच (कद्दूकस की हुई), मैगी मसाला आधा चम्मच, उबला हुआ आलू 1 कप।

बनाने की विधि: सबसे पहले आप उबले हुए आलू को छीलकर अच्छी तरह से मैश कर लें। एक बड़ा बाउल लें और उसमें ओट्स, मैश किया हुआ आलू, घिसा हुआ गाजर, नमक, मैगी मसाला पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिलाएं। अब पनीर को भी घिस लें और इस मिश्रण में पनीर को मिलाकर इसे आटे जैसा बना लें।

इस मिश्रण में से छोटी-छोटी टिक्कियां बनाएं और हाथों में रखकर थोड़ा पतला कर लें ताकि कटलेट का शेप बन जाए। अब मध्यम आंच पर एक पैन चढ़ाएं और उसमें थोड़ा सा कुकिंग ऑयल डालें। इन कटलेट्स को पैन में डालें और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक फ्राई कर लें।  जब सारे कटलेट्स फ्राई हो जाएं तो इन्हें हरी चटनी या सॉस के साथ गर्मा गर्म सर्व करिए।

लेमन ओट्स कैसे बनाएं – Lemon Oats Recipe

सामग्री: एक कप ओट्स, ¼ कप पानी, चुटकी भर हल्दी पाउडर, आधा चम्मच नींबू का जूस, एक चुटकी नमक, मुट्ठीभर मूंगफली, आधा चम्मच गर्म मसाला, दो चम्मच कुकिंग आयल

बनाने की विधि: सबसे पहले तेल को हल्का गर्म कर लें और हल्दी, नमक और गर्म मसाला डाल कर तड़का लगा लें। इसके बाद पानी और ओट्स डाल कर 4 से 5 मिनट तक पकाएं। इसके बाद इसे प्लेट में डालकर मूंगफली और निम्बू मिलाएं – तैयार हैं आपका यम्मी एंड हेल्दी लेमन ओट्स ब्रेकफास्ट।

ओट का डोसा बनाने की रेसिपी – Oats Dosa Recipe

सामग्री: आधा कप ओटस, चार चम्मच चावल का आटा, आधा चम्मच नमक, आधा चम्मच काली मिर्च, दो कटी हरी मिर्च, आधा चम्मच जीरा, आधा चम्मच धनिया पाउडर, दो चम्मच दही, आधा कप पानी और 1/4  कप तिल का तेल

बनाने की विधि: एक बड़े कटोरे में तेल डालकर ऊपर बताई गई सामग्री को मिलाकर 15 मिनट के लिए अलग रख दें। अब मध्यम आंच पर तवा गरम करें। आधे प्याज को तिल के तेल में डुबोएं और इसके चिकने साइड से तवे के सतह पर घिसें। अब ओट्स के मिश्रण को तवे पर इसे फैलाकर दो-तीन मिनट तक उलट-पुलट कर पकने दें। इस तरह तैयार हो जायेगा स्वादिष्ट ओट्स डोसा।

ओट्स की गुझिया बनाने का तरीका – Oats Gujiya Recipe

सामग्री: 2 कप मैदा, 3 चम्मच कुकिंग आयल, 1 कप ओट्स, 1/2 कप कटा हुआ खजूर, थोड़ा सा काजू, कटा हुआ बादाम, कटा हुआ अखरोट, किशमिश और एक चम्मच भुने हुए तिल के बीज।

ओट गुजिया बनाने की विधि: सबसे पहले एक कटोरी मैदा लेकर अच्छे से छान लें, फिर इसमें 3 चम्मच कुकिंग आयल मिलाकर थोड़ा पानी डालकर सख्त गूंथ लें और थोड़ी देर के लिए इस गुंथे हुए मिश्रण को गीले कपड़े से ढंक कर रख दें। इसके बाद ओट्स, कटे हुए ड्राईफ्रूट, किशमिश और तिल के बीज को एक बाउल में मिक्स करके स्टफिंग तैयार कर लें।

अब गुंथे हुए आटे को हाथ पर हल्का सा तेल लगाकर अच्छे से गोल आकार में बेल लें, गुजिया के कवर को हल्का सा कुकिंग आयल लगाकर ग्रीस कर लें। अब हलके हाथों से साइडों को प्रेस करके स्टफिंग भर लें। थोड़ा सा पानी लगाकर किनारों को बंद कर दें और गुजिया को गीले कपड़े से ढक कर रख दें। अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करके गुजिया डालकर हल्का ब्राउन होने तक डीप फ्राई करें लीजिए आपकी ओट्स गुजिया तैयार है।

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