आँखों की देखभाल और रौशनी बढ़ाने के लिए सरल उपाय

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रोजमर्रा की जिंदगी में कंप्यूटर और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल से आपकी आंखों को हर रोज कुछ न कुछ क्षति पहुंचती है। आंखों को बीमारियों से बचाने के लिए उनकी देखभाल जरूरी हो जाती है। यदि आंखों की ठीक प्रकार से देखभाल की जाए तो आंखों से सम्बंधित अधिकतर रोगों से बचा जा सकता है और सबसे अच्छी बात यह है कि अधिकतर उपाय हम घर पर कर सकते हैं। जब थोड़े से सरल उपाय आपकी आँखों की रौशनी को बनाए रखने में मददगार साबित हो सकते हैं तो क्यों न इन्हें अपनाया जाए..आँखों की देखभाल और रौशनी बढ़ाने के लिए सरल उपाय , आँखों के रोग कमजोरी, आँखों से पानी आना, आँखों की देखभाल , Eye Care Tips आँख फड़कना, aankh aana treatment in hindi ilaj, aankh aane phadakna ka english, eye care in hindi.
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आँखों की देखभाल और रौशनी बढ़ाने के लिए सरल उपाय

यदि चश्मा नहीं लगा है: अगर चश्मा नहीं लगा है ,आपको लगता है क़ि आपको सब कुछ बेहतर दिखाई दे रहा है तब भी आपको आँखों की नियमित जाँच करानी चाहिए। हर 12 महीने में इक बार ऑंखें जाँच जरुर करवाएँ क्यूंकि कई बार डॉक्टर के पास जाने पर पता चलता है की आँखों को तो 2 साल पहले ही चश्मे की जरुरत थी। आँखों की समस्याओं को सही समय पर पहचानना अति अवश्यक है।
यदि चश्मा लगा हुआ है: अगर चश्मा लगा हुआ है, चश्मा लगाने के बाद आप सामान्य ढंग से देख पा रहे हैं तब भी चश्मे के नंबर और पर्दे (retina) की जाँच जरुर करानी चाहिए। हर 6 महीने में आँखों आँखों व चश्मे की जाँच करवाएं।

आँखों से जुड़े कुछ मिथक और उनके सच

  • मिथक- Computer पर ज्यादा काम करने से आंखें ख़राब हो जाती हैं।
    सच– यह धारणा एकदम सही नहीं है। हाँ लगातार computer पर काम करने से आंखें थक जाती हैं। काम के दोरान हर घंटे के अन्तराल में आँखों को थोडा आराम देना चाहिए।
  • मिथक- ज्यादा किताबें पढने से चश्मा लगता है।
    सच– चश्मा किताबें पढने या कंप्यूटर से नहीं बल्कि आँखों की मासपेशियों में कमजोरी, Structure Change, कार्निया सरफेस सम्बन्धी समस्या आदि के कारण होता है।
  • मिथक- ज्यादा देर टीवी देखने से ऑंखें ख़राब होती हैं।
    सच– पुराने, LED, HD या सुपर HD किसी भी TV को ज्यादा देर देखने से ऑंखें ख़राब नहीं होती हैं। परन्तु एक फुट से अधिक दूरी बनाएं रखें।

आँखों से सम्बंधित छोटी मगर काम की बातें

किताबें लगभग 1 फुट की दुरी से ही पढनी चाहिए। बहुत ज्यादा नजदीक से पढना आँखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आँखों में पानी आने की समस्या या फिर आँखों में तनाव की समस्या इसके कारण उत्पन्न हो सकती है। पढाई करते वक्त कमरे में पर्याप्त रौशनी होनी चाहिए। लेटकर पढने की बजाये बैठ कर पढना आँखों क लिए ज्यादा आरामदायक होता है। Smart phones, laptops, computers आदि पर लगभग 25 सेंटीमीटर या 1 फुट की दूरी से काम करना चाहिए। कंप्यूटर स्क्रीन आँखों के level से 15 से 20 degree निचे होना चाहिए। आँखों को दिन में कईं बार पानी से धोएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भी आँखों को आराम मिलता है।

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